Horror story in Hindi | Bhoot ki Kahani | भूत वाली कहानियाँ

Horror story in Hindi | Bhoot ki Kahani | भूत वाली कहानियाँ

Horror story in Hindi: Bhutiya Dhaba

एक शहर में भाई का ढाबा नाम का एक मशहूर ढाबा था। यह ढाबा इतना मशहूर था की आस पास के बहुत से लोग यहां खाना खाने आते थे। इस ढाबे का खाना जो एक बार खा लेता वह खाने का स्वाद भूल न पाता था। अगर कोई भी उस शहर में किसी काम से आता तो वह इस ढाबे का खाना खाये बगैर नहीं जाता।

जितना भी दिन प्रतिदिन वह ढाबा मशहूर होते जा रहा था उतना ही उसके मालिक का घमंड भी बढ़ता जा रहा था। अगर उसके ढाबे का खाना बच भी जाता तो उसे फेंक देता था वह कभी किसी जरूरत मंद को खाना नहीं देता था।

एक दिन की बात है , एक भिखारी उसके ढाबे के पास से जा रहा था, वह काफी भूखा था। उसने बहुत दिनों से कुछ नहीं खाया था। तो वह ढाबे के मालिक के पास गया और बोला : मालिक कुछ खाने को दे दो बहुत भूख लगी है।

ढाबा मालिक बोला : अरे जा जा आगे जा ! मेरे पास कुछ नहीं है तुझे देने के लिए। ढाबे के मालिक ने उसे धक्के मार कर वहां से निकाल दिया। उसको उसके ऊपर जरा भी दया नहीं’आई।

तभी वह भिखारी भूख के मारे बेहोश हो जाता है। तभी उन्हें पता चला की वह भिखारी तो मर गया है। ढाबे के मालिक ने रामु को कहा : अरे ये तुम क्या कह रहे हो। अगर यह मर गया है तो तुम एक काम करो।

रामु बोला : क्या मालिक ?

ढाबे का मालिक बोला : इसे तुम जो ढाबे के पीछे एक कुआँ है वहां जाकर फैंक दो और किसी को कुछ मत बताना।

रामु ने अपने मालिक का कहना माना और उसे कुँवें में फैंक दिया।

उसके बाद वह अपना काम करने लग गए। उनका पूरा दिन कुछ ख़ास नहीं गया। ज्यादा ग्राहक भी नहीं आए और ज्यादा आय भी नहीं हुई।

Horror story in Hindi | Bhoot ki Kahani | भूत वाली कहानियाँ

मालिक शाम को अपने कामगारों को घर जाने के लिए कहता है और खुद भी घर जाने लगता है। उन्हें घर जाते – जाते अँधेरा हो जाता है। मालिक अपने घर के रास्ते की ओर चला जा रहा होता है पर तभी मालिक को कुछ ऐसा लगता है जैसे कोई उसके पीछे – पीछे कोई चल रहा है। तभी वह रुक जाता है और पीछे की तरफ देखता है पर वहां पर कोई नहीं होता है। वह ऐसा सोचता है की उसका वहम होगा।

वह दोबारा अपने रास्ते की ओर चलने लगता है पर तभी अचानक कोई उसे जोर से थप्पड़ मारता है। वह अपने चारो ओर देखता है पर उसे कोई नहीं देखता। वह डर सा जाता है वह जोर जोर से भागने लगता है और अपने घर पर पहुंच जाता है।

घर पर पहुंच कर वह थोड़ा आराम करता है और अपनी पत्नी को खाने लाने के लिया कहता है। जैसे ही उसकी पत्नी खाने लेकर आती है तभी उस भिखारी का भूत उसको जोर से धक्का देता है और उसे गिरा देता है।

उसका पति बोलता है : अरे ये क्या किया सारा खाना निचे गिरा दिया।

पत्नी बोली : जी पता नहीं कैसे गिर गया। मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मुझे धक्का मारा है।

मालिक बोलने लगा : आज का तो सारा दिन ही खराब गया। मेरे साथ भी कुछ भयानक भयानक सी घटनाएं घट रही हैं। चलो छोड़ो

अगले दिन वह अपने ढाबे की ओर चल पड़ा और अपना काम करने लग गया।

उसके ढाबे पर एक आदमी आता है और उसके ढाबे में बैठ जाता है और खाने का आर्डर देता है।

जब वह खाना खाने लगता है तो उसमे बहुत मिर्च होती है उसका मुँह जल सा जाता है और ढाबे के मालिक पर गुस्सा होता है।

आज पूरा दिन भी ढाबे में खाना नहीं बिकता है क्यूंकि वह बहुत बेकार होता है। यह देखकर उस भिखारी का भूत बहुत खुश होता है।

अगले दिन मालिक अपने नोकर से कहता है : की आज का खाना स्वादिस्ट होना चाहिए। यह सुनकर सभी खाना बनाने में लग गए। खाना बन कर तैयार भी हो जाता है। और खाना भी बहुत स्वादिस्ट बना हुआ होता है।

तभी ढाबे पर एक ग्राहक आता है जब वह खाने के लिए बैठता तब उसकी थाली से रोटी गायब हो जाती है वह डर जाता है। धीरे – धीरे उसकी पूरी थाली ही वहां से गुम हो जाती है।

वह यह’सब देख कर वहां से भाग जाता है। वह यह बात किसी को नहीं बताता।

उसी दिन ढाबे का मालिक शाम के समय जब अपने पुरे दिन की कमाई को लेने के लिए अपना गल्ला खोलता है तभी उसे वहां पर भिखारी का सर दिखाई देता है और वह डर डर के भाग जाता है और यह बात औरों को भी बताता है।

पर जब बहुत से लोग वहां पर आते हैं और देखते हैं तो वहां पर कुछ नहीं होता। वहां पर तो उसके पैसे पड़े हुए होते हैं। वह लोग उसे कहते हैं लगता है यह तुम्हारा वहम होगा ऐसा कुछ नहीं है।

ऐसा – ऐसा अब हर एक दिन होने लग जाता है। एक दिन वह रात भर वहां रहता है और सोचने लगता है की यह क्या हो रहा है मेरे साथ तभी उस भिखारी का भूत आता है और जोर जोर से डरावनी आवाज़ निकाल कर हसने लगता’है है हा हा हा !!!!!

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वह अँधेरी काली रात होती है वह उसे डरा डरा कर बेहोश कर देता है। अगले दिन जब उसके नौकर वहां आते हैं तो वह अपने मालिक को देख कर हैरान हो जाते हैं।

वह उसे उठाते हैं और पूछते हैं मालिक यह आपके साथ क्या हुआ है। वह उन्हें पूरी कहानी सुनाता है की उसके साथ क्या – क्या हुआ है।

वह उसको किसी बाबा के पास जाने के सलाह देते हैं और वह सभी उस बाबा के पास चले जाते हैं और अपनी सारी बात बाबा को सुनाते हैं। बाबा उनकी बात को सुनकर समझ जाता है की वह भिखारी भूख की वजह से मरा है और तुमने उसे खाना नहीं दिया था तो वह तुम्हे अब परेशान कर रहा है।

बाबा अपने तंत्र मंत्र से उस भिखारी के भूत को अपने पास बुला लेता है और उस ढाबे के मालिक को उस भूत से माफ़ी मांगने के लिए कहता है और बोलता है की आज के बाद तुम अपने ढाबे से किसी को भूखे नहीं जाने दोगे।

वह यह उस भिखारी से कहता है और भिखारी से माफ़ी मांगता है तभी उस भिखारी की आत्मा को मुक्ति मिल जाती है।

Short Horror Story In Hindi:

डरावनी डायन

एक बहुत सुंदर गाँव था , गाँव के आसपास घने जंगल थे।

वहां के लोग बहुत मिल जुल के रहते थे। वह सभी अपना काम करने के लिए सुबह ही घर से निकल जाते थे।

एक बार की बात है उस गांव के लोग देर रात काम करके वापिस आ रहे थे। वह आपस में बाते करते करते जा रहे थे। वह हमेशा ही सब साथ में घर आते थे क्यूंकि वहां बीच रास्ते में श्मशान घाट पड़ता था। वह आपस में बात करते करते वहां से निकल जाते थे वह यह महसूस नहीं होने देते थे की यहां कुछ ऐसा भी है।

एक दिन जब वह वापिस आ रहे थे तो उन्हें कुछ छन छन की आवाज सुनाई देने लगी। वह सभी सोचने लगे की यह कोई पशू की आवाज़ है जो धीरे धीरे घास में चल रहा है। वह नहीं डरे और आगे बढ़ते गए।

उन्हें उस छन छन आवाज को दरकिनार कर दिया और अपने घर जा पहुंचे। वह आपस में बात करने लगे की हम उस पशू के शिकार करने जाना चाहिए हमारी एक मजेदार दावत भी हो जाएगी और मजा भी आएगा।

उन्होंने जाने का समय निश्चित कर लिया , वह अपने अपने हथियार जोड़ने लगे और चल पड़े।

वह धीरे धीरे उस तरफ जाने लगे जहां उन्हें छन छन की आवाज़ सुनाई दे रही थी। वह वहां काफी देर पशू को ढूंढ़ते रहे पर उन्हें नहीं मिला फिर में ख्याल आया की यह हमारा वहम होगा।

वह वापिस घर आ गए। जो भी व्यक्ति उस समय उस आवाज़ को सुने वह सब अपने मन में सोचने लगे की वहां क्या हो सकता है यह सवाल उनके दिमाग में घूमता रहा।

अगले दिन सुबह वह लोग सब साथ मिल कर अपने काम पर चले गए। वह आपस में उसी आवाज़ को लेकर वार्ता करते रहे। काम काम करते दिन निकल गया पर उनके मन से वह बात नहीं गई। वह काम खत्म करके घर ओर चल दिए।

इस बार उन्होंने पहले वाले रास्ते को न चुनकर दूसरा रास्ता लिया जो छोटा तो था मगर जंगल के बीच से होकर जाता था उन्होंने यह सोचा की इस रास्ते से जाकर हमे जानवर मिल जाएगा और हम उसका शिकार कर लेंगे।

वह यह सोचकर उस रास्ते से होकर चल पड़े। साम के करीब 7 बज गए सर्दी का मौसम था धुंद पड़ रही थी वह साथ मिल कर चलते गए। जब वह एक नाले के पास पहुंचे तो उन्हें वह छन छन की आवाज़ दोबारा सुनाई देने लगी।

उन्हें यकीन हो गया की आज हम शिकार कर लेंगे वह उस तरफ जाने लगे। जब वह उस नाले के थोड़ी दूर थे तो उन्हें एक महिला पानी भरती नज़र आई।

उन्होंने सोचा की कोई गांव की महिला होगी जो पानी भरने आई होगी पर उस महिला के कपड़े सफेद रंग के थे उन्हें यह समझ न आया।

वह दूर से आवाज डालने लगे पर वह उनकी तरफ देख ही नहीं रही थी। वह आपस में बात करने लगे की यह कौन हो सकती है , और हमारे गांव में तो कोई भी औरत सफेद कपड़े क्यों पहनेगी। उनके मन में शक सा हो गया।

उनमें से एक व्यक्ति ने हिम्मत कर के उसके पास जाने लगा और उसे पुकारने लगा। वह उस औरत को ध्यान से देख रहा था की तभी वह औरत उसकी तरफ मुड़ी और उसे देख कर वह व्यक्ति वहीं बेहोश हो गया।

उसके दोस्त डर गए क्यूंकि वह दूर थे और उन्हें उसका चेहरा नहीं दिखाई दे रहा था।

उसका चेहरा बहुत ही भयानक था उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी आँखे लाल बाल बहुत लम्बे थे। वह एक डायन थी जो वहां पर अपनी पूजा कर रही थी।

वह सभी लोग वहां से डर के भाग गए और अपने दोस्त को वहीं छोड़ गए।

उन्होंने यह सब सभी गांव वालों के पास सुनाया और सभी को यह बात झूठी लगी। वह इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे।

वह कैसे न कैसे उस रात सो गए पर उन्हें अपने दोस्त की चिंता होने लगी।

पर वह वहां जाने से डर रहे थे। अगले दिन जब सुबह हुई वह सबसे पहले अपने दोस्त को ढूंढ़ने वहां चल पड़े। जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें वह वहां नहीं दिखाई दिया सब परेशान हो गए।

वह इधर उधर उसे ढूंढ़ने लगे पर वह कहीं नहीं मिला।

आज वह सब काम पर नहीं गए वह अपने दोस्त के गुम हो जाने से परेशान थे।

लेकिन जो व्यक्ति बेहोश हुआ था वह बहुत ही चतुर था वह जान भुझ कर बेहोश हुआ था वह उस डायन के पीछे जाना चाहता था।

वह डायन का पीछा करते करते उसके घर पर पहुंच गया था। उसने वहां जाकर देखा की वह डायन बहुत से पशुओं की बली देती है और उन्हें पूजा में इस्तेमाल करती है।

उसने उस डायन को खत्म करने का मन बना लिया था।

उसने अपनी जेब से माचिस निकाल कर उसके घर में आग लगाने की सोची। उसने धीरे धीरे जाकर सबसे पहले उसके घर के दरवाजे को बंद कर दिया।

उसने जल्दी से खास इकट्ठा कर उसमें आग लगा कर उसके घर पर फैंक दिया थोड़ी देर वह घर जलने लग गया और उसके साथ साथ वह डायन भी जल गई।

वह यह कर कर अपने गांव वापिस आ गया। उसे देखकर सभी खुश हो गए और उससे उस डायन के बारे में पूछने लगे।

उसने सारी की सारी कहानी विस्तार से बताई। इस कारण गांव वालों को उसकी निडरता पर गर्व हुआ।

कैसी लगी आपको यह कहानी। अगर आप नहीं डरे तो आपको डरावनी फिल्में देखनी चाहिए वहां आप जरूर डरोगे।

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